एक पत्र – डॉ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

Post View 5,196 स्थान-गुलमोहर तले   दोस्त,  आज बरसों बाद मैं तुम्हें पत्र लिख रही हूं। गृहस्थी के मकड़जाल में कुछ ऐसी उलझी कि दीन-दुनिया ही भुला बैठी। अपना तन-मन धन सर्वस्व न्यौछावर कर बैठी अपने संसार को सुखमय बनाने के लिए।मन के किसी कोने में तुम्हारी याद क्षणभर के लिए ही सही विद्युत तरंगों की … Continue reading एक पत्र – डॉ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi