डूबते का सहारा’ – अनीता चेची

Post View 659 कहते हैं बच्चे का मन कोरी स्लेट की तरह होता है जो लिखते हैं ,वहीं अंकित हो जाता है।   जब मैं पांचवी कक्षा में पढ़ती थी और महज 10 वर्ष की थी। उस समय हमारे घर में 6-7 भैंसे थी। उन मवेशियों को चराने के लिए हमें पहाड़ में  जाना पड़ता … Continue reading डूबते का सहारा’ – अनीता चेची