वहशी दरिंदा कहूँ या पति परमेश्वर – डॉ उर्मिला शर्मा : Moral stories in hindi

New Project 37

Moral stories in hindi : “मां! मिहिर को कुछ बहाना करके मना कर दो न कि अभी आपलोग हमें नहीं भेज सकते। मुझे नहीं जाना है अभी।” “क्यों बेटा! बोल न क्यों नहीं जाना। पिछले बार भी तुम ससुराल से आयी थी तो ऐसे ही बोल रही थी। जबकि आजकल की लड़कियां ऐसा कहां बोलती … Read more

बहू का रंग – डॉ उर्मिला शर्मा

New Project 40

“क्या बात करती है सुलेखा!…आज के जमाने में रंग को लेकर ऐसा व्यवहार? यकीन नहीं होता।” – निकिता की भौंहें तनी हुई थीं। आगे भी उसने कहा -“शक तो मुझे तभी हुआ था जब तेरे एंगेजमेंट में तेरे ससुराल वाले सब के सब ब्रांडेड व लक्जरी आइटम से लदे- फदे थे और तेरे लिए जो … Read more

** काम का जेंडर से क्या लेना-देना ** – डॉ उर्मिला शर्मा

New Project 55

 दीपा के घर उसकी सालों पुरानी सहेली अंजली आयी थी। वैसे भी लॉक डाउन के बाद भी कहाँ कोई किसी के घर आता जाता है। दोनों सहेलियां एक दूसरे के घर की सारी अंदरूनी बातें जानती थीं। जब भी मिलती ढेरों बातों के साथ अपनी दुःखम- सुखम बतियाती। भारतीय परम्परानुसार दीपा पति- पत्नी में अनबन … Read more

यह कैसा न्याय  – डॉ उर्मिला शर्मा

New Project 42

फुलवा आंगन में घूंघट काढ़े लाल गोटेदार साड़ी पहने और उसपर लाल सितारों जड़ी चुनरी ओढे पीढ़ा पर सकुचाई सी पर बैठी थी। गेहुएं रंग की तीखे नैन- नक्श, बड़ी-बड़ी आंखे  और लंबे बालों की चोटी नागिन सी धरती छू रही थी। माथे पर बड़ी सी गोल लाल बिंदी और आंखों में मोटे काजल उसकी … Read more

वो खौफनाक दोपहर  – डॉ उर्मिला शर्मा

मंजुला हमेशा की तरह सुबह चाय के साथ समाचार पत्र पढ़ रही थी। सुबह में वो समाचारों के हेडलाइंस ही प्रायः देखती थी। विस्तृत जानकारी वाली खबरों को वह शाम को पढ़ती या किसी फुरसत के क्षणों में पढ़ती थी। सरसरी नजर अखबार पर डालते हुए उसकी नजर एक खबर पट आकर अटक गई- “अमुक … Read more

मेट्रीमोनियल वाली शादी – डॉ उर्मिला शर्मा

कोर्ट के कॉरिडोर में खड़ा नवीन रुचि को चार साल की गोल- मटोल नन्ही टियारा को सीढ़ियों से उतारकर ले जाते हुए प्यार भरी निगाहों से देख रहा था। उसका मन कर रहा था कि लपककर टियारा को बाहों में भरकर खूब प्यार करे। लेकिन यह आसान न था। न ही रुचि टियारा को उसके … Read more

 **….और वो मिल ही गए ** – डॉ उर्मिला शर्मा

moral story in hindi

        “ऐ सिम्मी सुन ना आज तू मन लगाकर सुंदर सा हेयर स्टाइल बना। तू जो खुद को हेयर स्टाइलिस्ट समझती है ना समझ लो उसका टेस्ट उसकी है आज। एक विवाह समारोह में जाना है।” – शिल्पा ने मुस्कुराकर कहा। ” ठीक है, ठीक है। पर ये तो बता आज क्या खास है जो मुझसे … Read more

देविका – डॉ उर्मिला शर्मा

New Project 97

देविका जल्दी-जल्दी नए साल के अवसर पर पिकनिक पर जाने के लिए तैयारी कर रही थी। कई सालों से कहने के बाद पंकज इस साल पिकनिक पर जाने को तैयार हुआ था। उसके फैक्ट्री के ही एक अन्य सहयोगी मित्र भी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पिकनिक स्पॉट पर आ रहे थे। वो लोग … Read more

हमें क्या लेना? – डॉ उर्मिला शर्मा 

New Project 2024 04 29T211239.414

घर में चहल-पहल भरा माहौल था। सबसे ज्यादा तो दक्ष और अंशिका खुश घर में चारो तरफ दौड़ते नजर आ रहे थे। नन्हीं अंशिका सात वर्षीय दक्ष के पीछे-पीछे ‘भैया’ कहकर घूमते फिर रही थी। अंशिका दक्ष की बुआ की चार वर्षीय बेटी थी। उसकी एकलौती प्यारी बुआ कल ही तो रक्षाबन्धन के अवसर पर … Read more

लव आजकल  – डॉ उर्मिला शर्मा

New Project 2024 04 29T104818.633

लड़के- लड़कियां होटल के बाहर ओला कैब के आने का वेट कर रहे थें। तभी शिवानी की मम्मी का कॉल आया- “कहाँ हो बेटे?” “बस! मम्मी निकल रही हूं, ओला का वेट कर रही। होस्टल पहुंच कर फोन करती हूं।” रात के साढ़े ग्यारह हो गये थे। शिवानी जब भी होस्टल से बाहर जाती मम्मी … Read more

error: Content is Copyright protected !!