चाँद पर थूकना – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

Post View 132 “ बेटा तेरा गला नंगा क्यों हैं?” “ पहना तो है मंगलसूत्र माँ।”गले में हाथ फिरते हुए …अरे! मेरा मंगलसूत्र… कहाँ  गया…”संजना बोली। “देख बेटा कहीं उतर जार रखा होगा तुमने।” “ नहीं माँ! मैंने कहीं नहीं रखा… जब से तुमने बताया कि.. किसी भी माँ को अपना गला ख़ाली नहीं रखना … Continue reading चाँद पर थूकना – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi