बुढ़ापे के दर्द की दवा – पूजा मनोज अग्रवाल

Post View 2,567 अरे मम्मा क्यूं बर्तन धो रही हो,,,कितनी सर्दी पड़ रही है ,,,फिर से बीमार हो जाओगी तुम,,, । नही बेटा,,,,तुम्हें तो पता है ना में तो पुराने जमाने की हूं और मेरे हिसाब से रसोई में रात को झूठे बर्तन छोड़ना अच्छी बात नहीं है,,, कहकर मालती जी हंसने लगी । ” … Continue reading बुढ़ापे के दर्द की दवा – पूजा मनोज अग्रवाल