Post View 2,079 शनिवार की एक धुंधलाती शाम… और आज आठवाँ दिन था जबसे उससे न तो बात हो सकी थी और न ही उसका कोई सन्देश ही आया था। बड़ी उहापोह में दिन बीत रहे थे। कभी हृदय में कोई आशंका उभरती तो मन उसे तुरंत शमित कर देता। तभी उसका एक मैसेज आया… … Continue reading ब्रेकअप – जयसिंह भारद्वाज
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