भविष्य दर्शन (भाग-5) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi

Post View 88 शाम को जब पदमिनी के पिता घर आए तो उसकी मां ने पूछा _ घर की मरमत के लिए कुछ रूपयो का इंतजाम हुआ। अक्षय लाल ने उदास होकर केवल तीन हजार रूपयो का इंतजाम हुआ है।जिस ठेकेदार के यहां काम करता हु उससे एडवांस ले लिए है।मैं मजदूरी करके उनके रुपए … Continue reading भविष्य दर्शन (भाग-5) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi