बरसात की वो रात – सुषमा यादव

Post View 1,032 ,, पता नहीं क्यों ये जालिम, निर्दयी, बेदर्द बरसात हमें बचपन से ही पसंद नहीं है,,, बेतहाशा, झमाझम बारिश,, गड़गड़ाते बादल, कानों को फाड़ती,, चिग्घाड़ती हुई बिजली की तड़तड़ ये धुआंधार बरसात हमें एक भी नहीं सुहाती,, पता नहीं कैसे लोग बरसात में झूम झूम कर नाचते हुए भावविभोर हो जाते हैं,,हे … Continue reading बरसात की वो रात – सुषमा यादव