बच्चे मन के सच्चे – मनी शर्मा

Post View 1,087 बच्चे कितने सरल होते हैं। ऊँच नीच जात पात किसी का भेद नहीं समझते बस अपनी सच्ची नज़र से दुनिया देखते हैं। उस दिन हमारे घर काम करने वाली सोनी के साथ उसकी पाँच वर्ष की बेटी आई। एक बार तो मैं देखती रह गई। गोरा रंग, बड़ी बड़ी आँखों में मोटा … Continue reading बच्चे मन के सच्चे – मनी शर्मा