ऐसी थी दादी अम्मा – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

Post View 16,045 अरे मनीषा इन कमजलीयों के  लिए क्या जरुरत थी नये कपडे लाने की पुराने ही धोकर  पहना देती। मेरे राजा बेटे के लिए एक ही जोडी लाई उसके एक-दो जोडी और ले आती।  यह सुनकर मनीषा जी का मन आहत हो गया। दीवाली जैसे त्यौहार पर भी कोई अपने बच्चों को कोसता … Continue reading ऐसी थी दादी अम्मा – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi