Post View 382 कौशल कुमार जी भारतीय रेल सेवा में अधिकारी पद पर कार्यरत थे। उनके हर क्रिया-कलाप में अधिकारीपन की बू आती थी। अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ उनका व्यवहार रूखा रहता था। उन्हें लगता था कि रौब और भय के द्वारा ही कर्मचारियों से काम लिया जा सकता है। उनके इस व्यवहार से अधीनस्थ … Continue reading अहंकार – विनोद प्रसाद
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