अदृश्य डोर – आरती झा : Moral Stories in Hindi
Post View 6,461 कंपनी की मीटिंग खत्म कर शैव्या ऑटो लेकर मेट्रो की ओर बढ़ी जा रही थी। ऑटो वाले ने ऑटो के अंदर म्यूजिक सिस्टम लगा रखा था, जिसमें से जिंदगी को परिभाषित करता गीत पूरे ऑटो में गूॅंज रहा था ज़िन्दगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं … Continue reading अदृश्य डोर – आरती झा : Moral Stories in Hindi
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