अब भी मैं अपनी नहीं – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi
Post View 13,279 मालती पिछले तीस सालों से ससुराल में अपनी जिम्मेदारियां निभाती आ रही थी।वह लगभग भूल चुकी थी कि यह उसकी ससुराल है।ननदों की शादी, लकवाग्रस्त ससुर की दस साल सेवा,पति और बच्चों की देखभाल करते-करते बहुत साल गुज़र गए।ख़ुद उसकी उम्र पचास पार कर चुकी थी। सास -ससुर को अकेले छोड़कर पति … Continue reading अब भी मैं अपनी नहीं – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi
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