आत्मा – अंजू अग्रवाल ‘लखनवी’

Post View 1,086 वो बिलख-बिलख कर  रोते हुए अपने माता-पिता को देख रही थी। वो उससे लिपट लिपट कर रो रहे थे। “लेकिन.. वो किससे लिपट रहे हैं…! मैं तो यहां खड़ी हूँ…! ये मेरा शरीर खून से लथपथ क्यों है…! और…ये नाखूनों के निशान कैसे हैं…! मेरा एक गाल भी आधा गायब है…! उफ्फ.. … Continue reading आत्मा – अंजू अग्रवाल ‘लखनवी’