अपराध बोध – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral Stories in Hindi

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भरोसी एवं मीना सेठ भगवान दास के यहाँ कार्य  करते थे । भरोसी पौधों  एवं लान की देखभाल करता मीना घरेलु कार्य करती। उनके दो बच्चे थे  गीता एवं आकाश। गीता तो बड़ी थी करीब  दस साल की सो मां के साथ काम करवाती किन्तु आकाश छोटा था करीब सात साल का सो बैठे-बैठे सबको … Read more

दूसरे के महल से अपने घर की झोपड़ी में स्वाभिमान से रहना अच्छा है, – माधुरी गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

New Project 46

रमा जी आज पार्क में घूमने आई तो उनके हाथ में मिठाई का डिब्बा था।सैर करने के बाद जबगपशप का दौर चला तो उनसे पूछा कि किस खुशी में आज मिठाई खिला रही हो,।रमा जी मुस्कराते हुए कहने लगी एक गुड न्यूज़ है आज मन बहुत खुश है सोचा इस खुशी को अपनी सारी सखियों … Read more

जिंदगी की सबसे बड़ी सीख — नेकराम : Moral Stories in Hindi

New Project 96

ट्रेन अपनी रफ्तार में दौड़ रही थी मैं जिस डिब्बे में बैठा हुआ था उसी डिब्बे में दो अधेड़ उम्र के आदमी आपस में बातें कर रहे थे लेकिन बार-बार वह दोनों मेरी तरफ ही देख रहे थे शायद अपनी आप बीती एक दूसरे को बताना चाहते थे लेकिन मेरी वजह से वह एक दूसरे … Read more

मैं महारानी हूँ –  विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 96

  ” सुनिये..आज मनु के स्कूल जाना है, उसका पीटीएम है…आप 11बजे तक स्कूल आ जायेंगे ना..।” सुधा ने अपने पति वरुण से कहा जो ऑफ़िस के लिये निकल रहे थे।चलते- चलते उन्होंने कह दिया, ” हाँ- हाँ..आज मेरी कोई मीटिंग नहीं है..आ जाऊँगा।”       सुधा एक मध्यवर्गीय परिवार की लड़की थी।उसके पिता पर तीन बच्चों और … Read more

“सोने के पिंजरे से कहीं अच्छी आत्मसम्मान की टूटी-फूटी झोपड़ी है।” – “रीवा” : Moral Stories in Hindi

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अक्षत और आरती दोनों साथ में कॉलेज पढ़ते थे ।अक्षत बहुत अमीर घराने का लड़का था।उसके शौक और आदतें सारा कॉलेज जनता था।हर दूसरी सुंदर लड़की उसे पसंद आ जाती थी। आरती देखने में बहुत ही सुंदर थी। अक्षत को आरती को देखकर पहली नजर में ही प्यार हो गया।आरती एक बहुत ही साधारण परिवार … Read more

सोने का पिंजरा – पुष्पा पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

New Project 84

जगदीश को देखते ही पिता ने सवाल किया- “अरे जगदीश आ गये? कहो समाचार। बात कुछ बनी?” ” बात तो बन जायेगी। शुक्ला मौसा लड़का के दोस्त हैं। दोनों बनारस में एक साथ पढ़ते थे।” शुक्ला मौसा जगदीश की मौसी के देवर हैं।  लड़का जमींदार घराने का था। सुन्दर, संस्कारी और शहर में वकील था। … Read more

*निराला ठग* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 78

 मानसी, मेरे प्रेम की इतनी कड़ी परीक्षा मत लो।तुम जानती तो हो,माँ ने मुझे कितने कष्टों से पढ़ाया लिखाया है।साथ ही खुद्दारी से जीने के संस्कार भी तो दिये हैं।      तभी तो तुम्हे समझा रही हूं,मानस।तुम्हारी एक हां, हमारा जीवन संवार देगी।देख लेना माँ भी खुश ही होंगी।      मानसी न तुम मुझे समझ पा रही … Read more

सोने के पिंजरे से ज़्यादा आत्मस्वाभिमान की टूटी-फूटी झोपड़ी कहीं ज़्यादा अच्छी होती हैं। – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

New Project 35

अचानक से नींद खुली तो देखा सुबह के पाँच बज रहे थे…फ़ोन चार्जिंग के लिए उठाया तो एक मेसेज और कई मिस कॉल दिखी…अरे! ये तो मेरी सहेली गीता की बेटी की कॉल और मेसेज था, मेसेज पढ़ा तो.. दिल को धक्का लगा कि.. गीता के पति नहीं रहे, कल रात में सीने में अचानक … Read more

महल से छोटा घर कहीं ज्यादा अच्छा है -हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 38

दीदी एक बार चल कर तो देखिए.. आपको पता नहीं इस टूटे-फूटे दो कमरे के छोटे से मकान में क्या आनंद आता है और अब तो जीजा जी भी नहीं रहे बच्चे भी दोनों बाहर रहते हैं, मैं कहती हूं दीदी आप अपनी छोटी बहन के साथ चलकर तो देखिए आप अगर मेरा घर देखेंगे … Read more

अपना काम – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

New Project 57

उसके आने से घर में सन्नाटा सा छा गया।अम्मा ने उसे सिर से पाँव तक घूर कर देखा।   साँवला रंग, तीखे नाक-नक्श ,गाल पर मचलते बालों का लट, कानों में लटकन, छींटदार सलवार कुर्ता  …स्टाइल से ली गई  आडी़ तिरछी चुन्नी  ऊंची ऐडी़ की सस्ती चमकदार सैंडल… बात-बात पर खिलखिलाती धवल दंतपंक्तियां। सीधी सादी अम्मा … Read more

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