अब समझौता नहीं! – डाॅ संजु झा : Moral stories in hindi

दूसरी बार दुल्हन   के लिबास में सजी मोनिका मन-ही-मन सोच रही है-“मैं अपनी शारीरिक और मानसिक  भावनाओं को कुंठित  कर क्यों समझौता करती?मेरे भी दिल में भावनाओं के ज्वार उठते हैं,उन्हें मैं क्यों दबाती?” नवीन से दूसरी शादी के बाद मोनिका  पति का इंतजार करती हुई  पहली धोखे से हुई  शादी के ख्यालों में … Read more

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