* एक झटका * – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

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मिस्टर आर्यन और उनकी पत्नी विनायक सोसाइटी के दूसरी मंजिल पर एक प्लेट में रहते थे। वह तीन मंजिला मल्टी थी, और कुल २४ फ्लैट थे। मल्टी के बाहर काफी खुली जगह थी।उसके चारो तरफ रंग- बिरंगे फूलो की क्यारियॉं थी, ऊपर शैड डला हुआ था। सोसाइटी में प्राय: सभी लोग मध्यमवर्गीय परिवार के थे, … Read more

अम्माजी , आंखें खोलो बस…….। – डॉ. विभा कुमरिया शर्मा : Moral Stories in Hindi

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तू क्या जाने हम तो राजा – महाराजा के बच्चे हैं ,जो राजपाट और शान -शौकत हमने अपने मायके में देखी है ना वह ससुराल में और तुम्हारे पापा से नहीं मिली , कुछ ना ही कहूं तो अच्छा है।‌ अरे कहां कर सकते थे हमारा मुकाबला यह लोग ? अम्माजी ससुराल वालों को और … Read more

गर्दन ऐंठी रहना – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

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प्राचीनकाल  में  घने जंगल में एक कुआँ था।उसमें बहुत सारे मेंढ़क अपने-अपने परिवार के साथ रहते थे।बस कुआँ भर ही उनकी दुनियाँ थी।उनमें से एक मेढ़क काफी मोटा-ताजा था।साथ में उसकी पत्नी और तीन बच्चे भी थे।कुआँ के सभी मेंढ़कों से मोटा होने के कारण वह मेंढ़क खुद को दुनियाँ का सबसे शक्तिशाली जीव समझता … Read more

सबका समय आता है.. – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

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“अजी सच में गौरव भैया का प्रमोशन हो गया… कल तक तुम्हारे बराबर थे आज देखो तुम्हारे बॉस बन कर आए हैं…पहले भी ऐसालगता था मानो कितने बड़े ओहदे पर हो हमेशा गर्दन ऐंठी रखते थे ….अब तो वो क्या उसकी बीबी तनु भी गर्दन ऐंठ कर रहेगी।” निशिताने पति रितेश से कहा  “ हाँ … Read more

नाम डुबोना – स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

New Project 99

जोया और अर्सलान के निकाह को हुए कुछ ही समय हुआ था । लेकिन अर्सलान का देर से आना ,जोया को समय ना देना । ये सब बाते जोया को मजीद तकलीफ़ देने लगी । एक दिन जोया ने पूछ ही लिया । क्या बात हैं अर्सलान ?? तुम मुझसे इतने खिचे-खिचे क्यों रहते हो … Read more

* बुढ़ापे में मिला झटका * – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

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  सेठ ताराचंद किराना के व्यापारी थे। छोटा सा गाँव था,और छोटी सी दुकान थी उनकी। ईमानदारी से दुकान चलाते थे और इज्जत से रहते थे। तीन बेटे थे उनके, दुलीचंद,माखन और सेवा राम। गाँव में सिर्फ आठवीं तक का स्कूल था, आगे की पढ़ाई के लिए शहर जाना पड़ता था। दुलीचंद और माखन ने आठवीं … Read more

नाम डुबोना – मोनिका रघुवंशी : Moral Stories in Hindi

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सुना आपने, आपकी बड़ी बहुरिया क्या गुल खिला रही है आजकल। इस कुलक्षिनी ने तो हमारा नाम डुबोने की कसम ले रखी है….. ललिता अपने पति सोमेश जी से बोल रही थी। क्यों अब क्या कर दिया उस बेचारी ने…तुम्ही तो उसका जीना हराम किये देती हो। बड़ी दीदी ने आज छोटे तालाब के पास … Read more

दर्द का एहसास – रचना गुलाटी : Moral Stories in Hindi

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” तुमने मेरी नाक कटवा कर रख दी। इज़्ज़त मिट्टी में मिलाकर रख दी। बस यही दिन देखना रह गया था। तुम्हें शर्म नहीं आई, यह सब करते हुए। अपने माता-पिता के अरमानों पर पानी फेर दिया। मेरा नाम डुबोकर तुम्हें चैन मिल गया होगा।” पिता जी गुस्से में संजीव को बोल रहे थे।     पर … Read more

खून के आँसू रुलाना – के कामेश्वरी

सुरेश चंद्र जी की मृत्यु की खबर पूरे फ़्लैट में आग की तरह फैल गई थी । सब की जुबान पर एक ही बात थी कि कितने अच्छे इन्सान थे । वे रोज़ मंदिर जाते थे । अपने जन्मदिन पर मंदिर के पुजारियों को कपड़े बाँटते थे और तो और ज़रूरतमंदों की सहायता करते थे,तभी … Read more

बस अब और खून के आंसू नहीं रुलायेगा तू बहू को  – मीनाक्षी सिंह

अंदर से जोर जोर से बहू के रोने की आवाज आ रही थी ,खिड़की से झांककर देखा रमेशजी (ससुर ) और मधुजी (सास ) ने तो गिड़गिड़ाने लगे -छोड़ दे बहू को नीरज (बेटा ) ! मर जायेगी वो और कितना मारेगा उसे बेल्ट से ! मधुजी सिस्कियां भरती हुई बोली ! माँ जी ,पापा … Read more

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