दिव्या(भाग–2) : Moral stories in hindi

राघव के घर को फूलों से इस तरह से सजाया गया था, जैसे नई नवेली दुल्हन विदा होकर आ रही हो। दरवाजा फूलों की बेहद सुंदर माला और रंग बिरंगे आलोकों से सजा हुआ था। गहरे गुलाबी, लाल और हरा फूल भी एक नई नवेली दुल्हन की तरह उत्साहित थे। कमरे में फूलों की रंगीन … Read more

दिव्या(भाग–1) : Moral stories in hindi

दिव्या, जैसा नाम, देखने में वैसी ही दिव्य। बड़ी बड़ी आँखें, मुस्कुराता चेहरा, सुतवां नाक, दूध की तरह गोरी,  गोल मटोल छोटी तीन साल की दिव्या..मनमोहिनी..जो भी देखता बस बच्ची को देखता रह जाता। माता– पिता, दादी की दुलारी..रोते को हँसा देने वाली..छोटी सी होते हुए भी और बच्चों की तरह जिद्द करना उसके स्वभाव … Read more

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