साॅरी दीदी – रेनू दत्त : Moral Stories in Hindi

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वीनू दीदी की आज बहुत याद आ रही है। मेरे अंतस के किसी गहन कक्ष में एक अदालत बन गई है जहां जज, वादी, प्रतिवादी, गवाह सब मैं ही हूं। दीदी मुझसे चार साल बड़ी थी। उजले सूरज सा खिलता रंग, फुर्सत में बनाए गए नैन नक्श और उस पर सौम्यता की ऐसी परत कि … Read more

मैं मजबूर नही – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

New Project 99

पापा ..पापा कहां हैं आप ?” नंदिनी ने घर में घुसते ही अपने पिता ओमकार जी को आवाज दी। ” बेटा मैं यहां हूं !” रसोई में से पिता की आवाज सुन नंदिनी वहीं पहुंच गई। ” अरे पापा आप खाना बना रहे है हटिए मैं बनाती हूं …ओह आपको तो बुखार है पापा। आपने … Read more

बेटी को ब्याह काम ख़त्म करो – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104436.080

आज रमोला के चेहरे को देख कर गगन खीझ कर रह गया था…उसका जी कर रहा था दो चार थप्पड़ अपनी पत्नी के गालों पर जड़ दे.. पर माँ की सीख याद कर मन मसोस कर रह गया…. “बेटा हमेशा स्त्री की सम्मान करना.. हाथ उठाना मर्दानगी नहीं अपितु वो मर्द की कमजोरी को दर्शाता … Read more

विनम्र सफलता – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

New Project 2

“अरे सुना!मिसेज बंसल के बेटे आयुष ने टॉप किया है…” शोभित ने कहा तो मानसी के हाथ से चाय छलकते बची। “आयुष ने टॉप किया है?क्या नीचे से?” वो हंसी। “मजाक नहीं बिलकुल सच कह रहा हूं,अभी मिली थीं वो रास्ते में,तभी उन्होंने खुद बताया।” “अच्छा!!”,मानसी सोच में पड़ गई,वो तो बिलकुल सामान्य बच्चा था,कभी … Read more

ग़ुरूर – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

New Project 58

“हेलो मैम! ऑर यू अपेक्षा मॉम???” “एस! पायलट” “अपेक्षा इस माई को-पायलट। शी इस वेरी नाइस एंड गुड पर्सन।” “ओह! हाय! हाउ ऑर यू??” “फ़ाइन। यू लुक लाइक अपेक्षा!” “एस! बट शी लुक लाइक मी या मी लाइक अपेक्षा??” कहने को तो अपेक्षा की माँ ने कह दिया कि- “अपेक्षा मेरी जैसी है या मैं( … Read more

अर्पिता का अर्पण – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 11

 देखो बेटा जिससे तुम शादी करना चाहते हो वह न तो हमारी बिरादरी की है,न हमारे प्रदेश की।और तो और उसकी भाषा भी हमारी हिंदी नही है।रीति रिवाज सब अलग।कैसे परिवार में एडजस्ट हो पायेगी, अरे परिवार की भी छोड़ तेरे साथ ही कैसे निभेगी?        ऐसा कुछ भी नही माँ, एक बार अर्पिता से मिल … Read more

मम्मी साफ साफ बोलो ना – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 68

जानते हैं जी , आज क्या हुआ…?? जैसे ही आरती ने कुछ कहना चाहा…पास में बैठी बिटिया ने तपाक से कहा…मम्मी सीधे-सीधे बात बताना एक घंटे भूमिका मत बाँधना …I और पतिदेव ने भी क्या हुआ बोलकर न्यूज पेपर में ही ध्यान लगाये बैठे रहे ….आरती कुछ बताना चाहती थी पर पति बच्चों के व्यवहार … Read more

गुरुर – अयोध्या प्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

New Project 67 1

इंजीनियर दंपति ने यह बहुत पहले ही निर्णय ले लिया था कि संतान रूप में लड़की हो या फिर लड़का केवल एक ही। वे बैंगलोर में रहते थे। दोनों की अच्छी खासी तनख्वाह थी। घर गृहस्थी मजे में चल रही थी। तीन कमरों का फ्लैट था।दो ही प्राणी तो रहने वाले। कुछ खाली खाली सा … Read more

एक मौका – स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

New Project 86

अजी सुनती हो सुबह के सात बज गए है । चाय लें आओ……मुझे ऑफिस जाने में देरी हो रही है । यें है हमारी कहानी के मुख्य पात्र केशव कुमार ! जो पेशे से एक प्राइवट फ़र्म में वकील के पद पर कार्यरत है । यें समझ लो की इनके बिना ऑफ़िस का कोई काम … Read more

मेरे पिता – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 05 05T225422.575

ओडिटोरियम में व्हीलचेयर पर बैठी स्मिता के आते ही तालियों की गड़गड़ाह से स्मिता का स्वागत किया गया , कुर्सियों पर चारों तरफ़ बैठे हुए लोग अपनी अपनी जगह उठ कर खड़े हो गए और उन्होंने तालियां बजाकर स्मिता का स्वागत किया।  मंच तक पहुंचते पहुंचते स्मिता के गले में फूलों की कई मालाएं डल … Read more

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