मेरी बेटी मेरा गुरूर – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

New Project 50

प्रदीप जी तैयार होकर ऑफिस के लिए निकलने ही वाले थे कि तभी उनका दोस्त रजत अचानक उनसे मिलने आ गया। उसे देखकर प्रदीप जी खुश हो गए और अपनी पत्नी रमा से बोले-“रमा, जल्दी से दो कप कॉफी बना दो।”तभी रजत जी बोले -“प्रदीप, मैं तो वैसे ही मिलने चला आया था, कॉफी के … Read more

बहू अब मेरा गुरूर टूट गया। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

New Project 49

“ये क्या कैसे तैयार हुई है! तू भी ना किस फ़ूहड़ को पत्नी बनाकर ले आया है,ये एक कॉरपोरेट पार्टी है, और उसमें शगुन ऐसे जायेगी, मेरी तो नाक ही कट जायेगी, लोग कहेंगे बहू से ज्यादा तो सास मॉर्डन लग रही है, अभि इसे थोड़ी तो मॉर्डन ड्रेस दिला दे और ढंग से रहने … Read more

बेटा विदेश में है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 48

 दो वर्ष पूर्व मेरा जबलपुर जाना हुआ था।पति के ऑफ़िस से मिले गेस्ट हाउस में फ़्रेश होकर पति महोदय जब अपने काम के लिये निकल गये तब मैंने अपनी सहेली मीता को फ़ोन किया।हाय-हैलो करने के बाद उसने कहा,” चल..’आंटी काॅफ़ी हाउस’ में बैठकर बातें करते हैं।” कहकर उसने मुझे लोकेशन शेयर किया और मैं … Read more

बहू का दर्द – बिंदेश्वरी त्यागी : Moral Stories in Hindi

New Project 47

घर के सभी सदस्यों के खाना खाने के बाद था कि हरि सोनाली अपने लिए खाना परोसने जाती है l परंतु उसने देखा रोटी के डिब्बे में दो ही रोटियां हैं और सब्जी तो बिल्कुल भी नहीं है l 3:00 बज चुके थे भूख जोर से लगी थी इसलिए वह सब्जी के बर्तन से रोटियां … Read more

सुकून – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

New Project 45

हाँ शांति….. मैं बोल रहा हूँ जयभगवान , घर में सब ठीक है ना? बापूजी कैसे हैं …..  हाँ जी…. सब ठीक है यहाँ…. आप कैसे हैं ? अब तो बस एक महीने की बात रह गई ……कब से इंतज़ार कर रहे हैं हम सब ….आख़िर रिटायरमेंट के दिन आ ही गए । बापू जी … Read more

लेखिका – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

New Project 44

#गुरुर  लेखिका आज अनिका के पांव जमीन पर नहीं पड़ रहे हैं। वह सोच रही है कि वह कहां थी और कहां पहुंच गई है।  उसने कभी नहीं सोचा था कि उसका लेखन उसे इस मुकाम पर ले जाएगा। अनिका को कहानी पढ़ने का बहुत शौक रहा है। वह बचपन से ही नंदन, देवपुत्र आदि … Read more

जिठानी का गुरूर – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

New Project 43

लो ऐ साड़ी तुम रख लो शालू, तुम्हारे ऊपर बहुत अच्छी लगेगी पूरे सात हजार की है ।तुम तो इतनी महंगी साड़ी खरीद नहीं पाओगी कभी शालू की जेठानी ने शालू से कहा । शालू बार बार मना कर रही थी नहीं भाभी मैं नहीं लूंगी ये साडी ।अरे सिर्फ दो ही बार पहनी है … Read more

गुरुर – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 42

ऑफिस में नये साल पर मॉल में खुले नये रेस्टोरेंट में लंच होना तय किया गया,सुबह सबको मुबारकवाद देने में गुजरा, दोपहर में लंच के लिये सहकर्मी वर्मा जी के साथ सुधाकर जी मॉल पहुँचे, सीढ़ियों पर बैठे एक स्कूली लड़के और लड़की को देख, वर्मा जी बोले, “क्या जमाना आ गया, स्कूल बंक कर … Read more

अपना अपना – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

New Project 41

गुरुर  आज इस्त्री के लिए नीरा कपड़े देने आई तो पहले तो इस्त्री वाले पर चिल्लाई की तुम्हारा बेटा कपड़े लेने क्यों नहीं आ रहा ।और एक घंटे मै करके पहुंचा देना । इस्त्री वाला बोला मैडम अभी मेरे बेटे की परीक्षा चल रही है तो कुछ दिन आप लोगों को ही आना पड़ेगा लेने … Read more

गुरुर – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

New Project 40

भैया आप माँ को कुछ दिनों के लिए अपने घर में रख सकते हैं क्या ? पल्लवी ने फोन पर राजीव से कहा । राजीव ने कहा कि क्या बात है बिटटो माँ को कुछ हुआ है क्या या फिर तुम्हारे पति ने कुछ कहा है ? नहीं भाई ऐसी कोई बात नहीं है । … Read more

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