उपहार (भाग-4) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

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” हे भगवान क्या करूॅ मैं?” लेकिन ऑफिस आते ही वह सब कुछ भूल जाता। मन के चोर को छुपाने के लिए वह अहिल्या और बच्चों से कुछ अधिक ही प्यार का प्रदर्शन करने लगा – ”   क्या बात है आजकल आप कुछ अधिक ही रोमाण्टिक होते जा रहे हैं ? इस अतिरिक्त मेहरबानी … Read more

उपहार (भाग-3) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

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दोनों की सीट अगल-बगल हो गई। दक्षिणा और मुकुल ने जब कार्य शुरू किया तो सबसे अधिक परेशानी उन्हें हुई जो रिश्वत देकर गलत सुविधा पाने के आदी हो चुके थे। रिश्वत के प्रलोभनों के दाने फेक जाने लगे।  शीघ्र ही सबको समझ में आ गया कि यदि उनके द्वारा प्रस्तुत किये गए सभी कागजात … Read more

उपहार (भाग-2) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

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समारोह में दक्षिणा से मिलकर अहिल्या बहुत खुश हुई। जब मुकुल ने उसे अहिल्या और बच्चों से मिलाया तो उसने तुरंत ऑफिस के एक लड़के को बुलाया – ” दीपक, आज मैंने अपनी सहेली और बच्चों को बुलाया है। इसलिये मुकुल जी के साथ मिलकर यहाॅ की व्यवस्था सम्हाल लेना। अच्छे से काम करना मुकुल … Read more

उपहार (भाग-1) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

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जब से अहिल्या दक्षिणा से मिलकर आई है मुकुल का मन बार-बार कर रहा है कि वह चुपचाप जाकर दूर से दक्षिणा को देख आये । दक्षिणा की प्यारी हॅसी उसके कानों में गूॅज रही थी, नेत्रों की तरलता साकार रूप धरकर  बाॅहें फैलाए उसके गले लगने को आतुर थीं, राज को छुपाने वाले बन्द … Read more

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