उपहार (भाग-14) एवं अन्तिम – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

” दक्षिणा, बहुत दिन मायके में रह चुकी हो, अब यहॉ रहने की आवश्यकता नहीं है। अपने घर चलो।” यह दक्षिणा के पति थे जो अपने तीन महीने के बेटे को देखने पहली बार आये थे। करीब एक वर्ष बाद दक्षिणा आज उस व्यक्ति को देख रही थी जिसके साथ उसने प्यार और अनुराग से … Read more

उपहार (भाग-13) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

स्थानान्तरण के आदेश आने के बाद अहिल्या ने बहुत बार  कहा मुकुल से – ” तुम भी चलते तो दक्षिणा कितना खुश होती। चलने के पहले एक बार तो मिल लो, फिर पता नहीं कब मिलना हो? किस बात से उससे इतना नाराज हो कि एक बार फोन तक नहीं किया?” लेकिन मुकुल नहीं माना … Read more

उपहार (भाग-12) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

सुनते ही जैसे वह अपराध मुक्त हो गया। उसकी आत्मा जैसे सुख और आनन्द से सराबोर हो गयी। वह ऑखों में ऑसू भरकर मूर्ति के चरणों में गिर पड़ा – ” प्रभो! जिसे हम पाप और पुण्य कहते हैं, वह सब तुम्हारी इच्छा से रची माया मात्र है। दक्षिणा के पैर की चोंट,सबका उसको छोड़ … Read more

उपहार (भाग-11) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

” मुकुल, इस समय दक्षिणा को हमारी बहुत जरूरत है। उसने कभी मुझे नहीं बताया लेकिन जब उसकी ऐसी हालत सुनकर भी अभी तक ससुराल से कोई नहीं आया तो वे लोग कैसे होंगे, अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है?” ” तुम जो करना चाहती हो बताओ मैं तुम्हारे साथ हूॅ।” ”  तुम घर की व्यवस्था … Read more

उपहार (भाग-10) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

दक्षिणा कभी ऑफिस में किसी से हाथ नहीं मिलाती थी‌। अगर कोई हाथ बढ़ा देता तो वह मुस्कुरा कर दोनों हाथ जोड़ देती थी। मुकुल में एकाध बार कहा भी – ” किस जमाने में जी रही हो दक्षिणा, हाथ मिलाने में क्या हर्ज है?” ”  मेरी अपनी मर्जी। मुझे हर एक व्यक्ति का स्पर्श … Read more

उपहार (भाग-9) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

कुछ देर तक दोनों एक दूसरे को देखते रह गये ।मुकुल की खुद की ऑखें भी नम हो आईं। शायद दक्षिणा को मुकुल के इस तरह आने से खुशी हुई थी लेकिन ऊपर से डाॅटा – ” आप ••••• आपको क्या जरूरत थी आने की ?मैंने मना किया था ना आने को। घर वालों को … Read more

उपहार (भाग-8) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

दूसरे दिन दक्षिणा नहीं आई, उसका फोन आया – ” मेरे पैर में मोच आ गई है। मैं किसी भी तरह आ नहीं पाऊॅगी। आप रिपोर्ट तैयार करके भेज दीजिये।” ” कैसे हो गया? दवा ली?  डॉक्टर को दिखाया ? ” मुकुल बौखला गया । ” बाद में सब बताऊॅगी।  आप काम शुरू कर दीजिये। … Read more

उपहार (भाग-7) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

दूसरे दिन अहिल्या ने मुकुल को दो टिफिन बाक्स दिये – ” एक तुम्हारा और एक दक्षिणा का।” ” अपना टिफिन बाक्स तो वह खुद लेकर आई होगी।” ” नहीं, उसे पता है कि आज उसके लिये खाना मैं भेजूॅगी।” अहिल्या मुस्कराई। ” तुम लोगों की भी अजीब साजिशें है‌, अब तुम लोगों की दोस्ती … Read more

उपहार (भाग-6) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

मुकुल का मन और भी तेजी से दक्षिणा की ओर भागने लगा। एक दिन जब दक्षिणा ने आधे दिन की छुट्टी ली तो मुकुल ने शाम को अहिल्या से कहा -” आज तो तुम अपनी सहेली के साथ घूमने गई होंगी?” ” पापा आज मौसी का जन्मदिन था। देखिये मौसी ने हम लोगों को क्या-क्या … Read more

उपहार (भाग-5) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

New Project 44

दक्षिणा ने भले ही अहिल्या को कुछ नहीं बताया लेकिन धीरे-धीरे मुकुल के सामने स्पष्ट हो गया कि दक्षिणा के जीवन में कष्ट , परेशानी और दुख के सिवा कुछ न था।  समीपता बढ़ने के साथ ही उसके अंदर की घुटन ने मुकुल को छू लिया और मुकुल भीतर तक तड़प कर रह गया – … Read more

error: Content is Copyright protected !!