वक्त गुजर जाने पर शर्मिंदगी ही हाथ लगती है – स्नेह ज्योति  : Moral stories in hindi

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Moral stories in hindi : एक दिन माँ को आने में देरी हो गई थी । मैं उनका बाहर खड़े होकर इंतज़ार कर रहा था , कि अचानक से एक तेज रोशनी मेरी आँखो में लगी । अंधेरे को चीरते हुए जब रोशनी दिखी तो मेरी नज़र कार से बाहर आते हुए पैर पर पड़ी … Read more

सच्चा मित्र – संगीता त्रिपाठी : Moral stories in hindi

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Moral stories in hindi : वो शर्मिंदा थी, जिस पड़ोसन से उसने कभी बात नहीं की, वही कठिन पलों में आज उसके साथ थी।          दो साल पहले ही तो इस सोसाइटी में आई थी, सभी ने आगे बढ़ कर दोस्त की।धीरे -धीरे सुनंदा की दोस्ती माही,नमिता, पल्लवी, रीमा से हो गई,। सुनंदा के पति मर्चेंट … Read more

साथ : Moral stories in hindi

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Moral stories in hindi : राकेश दफ्तर से घर आया तो उसने देखा उसकी पत्नी सीमा पूजा की तैयारियों में लगी हुई थी। आज सीमा का हरितालिका तीज का व्रत था जिसकी वजह से उसने चौबीस घंटे का निर्जला उपवास रखा हुआ था। राकेश ने सीमा से चाय माँगी तो उसने उसे थोड़ी प्रतीक्षा करने … Read more

बेटी ने अपनी हरकतों से शर्मिंदा कर दिया – अनिला द्विवेदी तिवारी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi :  सुहासिनी जी ने अपनी सहेली पूर्णिमा जी के बेटे मयंक के साथ अपनी बेटी नीलिमा की शादी करवा दी थी यह कहते हुए कि घर की बात है तुम सबको बाहर से बहू लाने पर कठिनाई ना हो। इसलिए अपनी ही बेटी को तुम्हारे घर बहू बनाकर भेज रही हूँ  … Read more

वर्मा जी की आधी संपत्ति : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आज शीना अपने पति के साथ अचानक मॉल में मिल गई मुझे देखते ही अपने पति से बोली जतिन ये है हमारे नीरज भाई जतिन ने बड़े गर्मजोशी से हांथ मिलाया बेटे से कहा मामा को नमस्ते करो नमस्ते का जबाव देकर उसे मैने गोद में उठा लिया अपनी पुरानी … Read more

संस्कारों की जीत – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

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Moral stories in hindi : सुलभा आज बहुत खुश थी।दीपावली की छुट्टियों में बेटी आई थी दस दिनों के लिए।बचपन से ही विद्रोही स्वभाव की आयुषी खुद को पापा जैसी ही कहती थी।दोनों बच्चों के स्वभाव में जमीन -आसमान का अंतर था।सुलभा का बेटा(बड़ा)शांत और कम बोलने वाला था,वहीं बेटी मुंहफट।जिद्दी भी अपने पापा की … Read more

बच्चों का झगड़ा –  शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

शर्मा परिवार और मिश्रा परिवार पड़ोसी थे।वे एक ही शहर के रहने वाले थे तथा यहाँ वे नौकरी करते थे, यहां भी संयोग से एक ही कालोनी में पास-पास ही मकान बनाये थे सो यहाँ भी वे पडोसी थे। दोनों के दो दो छोटे बच्चे थे वे साथ खेलते कूदते एक ही विद्यालय में साथ … Read more

आप शर्मिंदा न होइये –  विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

  ” देर नहीं होगी डाॅक्टर रेणु..,मैं बस अभी दस मिनट में तेरे अस्पताल पहुँचती हूँ…।” हँसते हुए श्रद्धा ने कहा, फ़ोन डिस्कनेक्ट करके उसे अपने हैंडबैग में रखा और गैराज से स्कूटी निकालकर रेणु से मिलने जनता अस्पताल चली गई।      श्रद्धा एक जर्नलिस्ट थी।’वृद्धावस्था की बीमारियाँ और उनके इलाज’ पर वह एक रिपोर्ट तैयार कर … Read more

बूढ़े है!!लाचार नहीं  : Moral Stories in Hindi

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Moral Stories in Hindi : आज मां का फोन आया फिर बही बात सुनकर कुणाल झल्ला कर बोला क्या मां एक ही बात करती रहती हो यहां आ कर रहना है अब मैं आपको देखूंगा या अपने काम को  यहां बड़े शहर मै रहने की आदत है नही आपको कुछ भी होगा तो मुझे ही … Read more

छोटी सोच –  सविता गोयल  : Moral Stories in Hindi

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Moral Stories in Hindi : राधीका कोई पंद्रह साल की थी जब उसके पिता जी परिवार सहित गाँव छोड़ कर शहर में आ बसे थे। उसकी शादी भी शहर में ही एक बडे़ घराने में हो गई। लेकिन आज भी वो खुद को गाँव से जुड़ा हुआ महसूस करती थी। जब दस साल बाद राधिका … Read more

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