*”दामिनी का दम”* (भाग-4) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi

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थोड़ी देर में बैरा कई प्लेटो में भेज आइटम ले आया ।जिसमे रोटी चावल फ्राई,पनीर मसाला,मसरूम मसाला  और सलाद आदि दो लोगो के लिए प्राप्त थे। बैरे ने खाना परोसते हुए कहा _ मैडम ये गर्म गर्म रोटियां है और जरूरत होगी तो मैं ला दूंगा । दामिनी ने कहा _ ठीक है मैं बता … Read more

*”दामिनी का दम”* (भाग-3) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi

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ट्रेक जैसे ही लड़खड़ा कर पेड़ से टकराया दामिनी ने कार की ब्रेक पर अपना पैर जमा दिया । कार सड़क पर  काफी दूर घसीटती चली गई। कार रुकते ही उसने कार का गेट खोला और हाथ में रिवालबर लिए नीचे कूद पड़ी और लपकते हुए ट्रक की ओर भागी । दो बदमाश ट्रक से … Read more

*”दामिनी का दम”* (भाग-2) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi

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थोड़ी देर में वो लड़का चाय पीकर लौट आया और ड्राइविंग सीट पर बैठकर टेक्सी  स्टार्ट कर आगे बढ़ा दिया। दामिनी को इतनी तेज बारिश में चाय पीकर बहुत राहत महसूस हो रही थी ।मौसम में हल्की ठंड का एहसास हो रहा था।दिन में काफी तेज धूप  और उमस थी लेकिन रात में तेज बारिश … Read more

*”दामिनी का दम”* (भाग-1) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi

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राजधानी एक्सप्रेस धड़ाधड़ करती हुई अपनी तूफानी गति से भागी जा रही थी ।दामिनी अपने बर्थ पर बैठी अपनी कलाई घड़ी की ओर देखी ।उसने अपने मन में कहा कुछ ही देर में मेरा स्टेशन आने वाला है ।मुझे अब अपने समान को समेटना चाहिए ।उसके पास दो बड़े बैग थे ।एक छोटा बैग था … Read more

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