आकाश में अठखेली – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi
मालिनी,तुम मेरी भावनाओ को क्यूँ नही समझ रही हो,तुम्हे पता तो है।तुमसे शादी करते समय भी तो मैं सेना में ही था,फिर अब मुझ पर सेना से त्यागपत्र देने का दवाब क्यों?सेना में रहना मेरा जुनून है, मालिनी,प्लीज—! मेरी मनःस्थिति भी तो समझो शेखर।मैं तुम्हारे बिन नही रह सकती।तुम तो चले जाते हो सरहद पर,मैं … Read more