रिश्तों को संभालना पड़ता है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi
” सुन मानसी…मुझे मार्केट में कुछ काम है, इसलिए मैं जल्दी जा रही हूँ…तू किसी और से लिफ़्ट ले लेना।” कहकर दिव्या ने लैपटाॅप बंद करके अपने बैग में रखा और कंधे पर डालकर ऑफ़िस से बाहर निकल गई। उसने अपनी स्कूटी ‘सिटी माॅल ‘ के पार्किंग में रखी और घर के लिये कुछ ज़रूरी … Read more